गुणों के ईश –
गजो के धीश –
पूर्ण समस्याओं से करें तू मुक्त
गौरी – महेश्वरी – के पुत्र
-«गौरी पुत्र» –
हे श्री गणेश –
प्रथम नाम जप हो तेरा ही ईश
प्रत्येक पूजा में – ऐ धीश –
ज्ञान और बुद्धि के देव
तुमसे प्रभावित – देवातिदेव
महेश्वर के पुत्र
-«गौरी पुत्र» –
करूणामई, दयावान – हे ईश्वर तू
एकदंत, चतुर्भुजा और मूषक को बनाए वाहन यूँ –
-«ऐ गौरी पुत्र»-
तुमसे ही पाए हम – सुख के सीख
और के ही ऐश्वर्य और समृद्धि के प्रतीक
«ऐ गौरी पुत्र» – ये भेट मेरा स्वीकारो –
मोदक, दुर्वा और लाल फूल अर्पण – ये स्वीकारो –
15:06
7 Sep ‘24
-प्रोमिला देवी सुदर्शन हुईद्रोम